उत्तराखंड

Kedarnath Dham: बाबा केदार की डोली पहुंची अपने धाम, फूल-मालाओं से भव्य सजा मंदिर, कल खुलेंगे कपाट,

DEHRADUN,UTTARAKHAND

भगवान केदारनाथ की चल उत्सव विग्रह डोली आज अपने धाम केदारनाथ पहुंच चुकी है। यहां, हजारों भक्तों ने पुष्प वर्षा के साथ बाबा केदार की डोली का स्वागत किया। डोली को नव निर्मित भंडारगृह में विराजमान किया गया है।

आपदा के बाद, डोली पहली बार अपने भंडारगृह में विराजमान हुई है। इससे पूर्व, सुबह छह बजे गौरीकुंड स्थित गौरीमाई मंदिर में बाबा केदार की चल उत्सव विग्रह डोली की पुजारी गौरी शंकर गोस्वामी और बागेश लिंग ने पूजा-अर्चना की।

साथ ही डोली का अभिषेक व श्रृंगार कर आरती उतारी गई। भक्तों के जयकारों और सेना की बैंड धुनों के बीच बाबा केदार की डोली जंगलचट्टी, भीमबली, छानी कैंप, रुद्रा प्वाइंट, बेस कैंप होते हुए दोपहर बाद अपने धाम केदारनाथ पहुंची।

कल सुबह 7 बजे बृष लग्न में केदारनाथ मंदिर के कपाट भक्तों के दर्शनार्थ खोल दिये जाएंगे। धाम में कपाटोद्घाटन की सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। मंदिर को 108 कुंतल फूल-मालाओं से सजाया गया है।

कपाटोद्घाटन के साक्षी बनने के लिए दस हजार से अधिक श्रद्धालु शाम तक धाम पहुंच गए। शासन, प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों के साथ ही काफी संख्या में सुरक्षा बल भी तैनात किया गया है। गुरुवार को जिलाधिकारी डा. सौरभ गहरवार, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे केदारनाथ पहुंच गए। उन्होंने धाम में सभी तैयारियों का जायजा लेते हुए तैनात अधिकारी-कर्मचारियों को जरूरी निर्देश दिए।

दोनों अधिकारियों ने केदारनाथ मंदिर के चारों तरफ सुरक्षा सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही हेलीपैड से मंदिर क्षेत्र तक सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि केदारनाथ में 15 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के रात्रि प्रवास की व्यवस्था की गई है। साथ ही कपाटोद़्घाटन के बाद सभी भक्तों का सुलभ तरीके से दर्शन हों, इसके लिए जरूरी इंतजाम किये जा रहे हैं।

वहीं, श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्यधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल भी केदारनाथ पहुंच गए हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को सुबह 7 बजे बृष लग्न पर केदारनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे। इसके बाद छह माह तक बाबा केदार के भक्त अपने आराध्य के दर्शन व पूजा धाम में ही करेंगे। बताया कि कपाट खुलने के बाद से दर्शन के लिए टोकन व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।

 

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